Tuesday, September 29, 2009

एक टेलिकॉम इंजिनियर का दर्द

चलो आपको अपने फिल्ड के बारे में जानकारी दे देते हैं,
द्रश्य एक
अभी रात १२ बजे है, एक टेलिकॉम इंजिनियर साईट पर बेठा है और साईट की ट्रैफिक शिफ्टिंग की तयारी कर रहा है, वो भी सुन सान टावर में, किसी दूरदराज ग्राम में (रात को काम इसलिये किया जाता है ताकि आप लोगों को बात करने में परेशान न हो (less(about nill) call traffic at night time) रात से सुबह तक कई साइट्स पर जा रहा है हरान परेशां बेचारा ,फिर उसे पर सुबह तक(६ बजे तक) काम पूरा करने का दबाव है,
फिर काम पूरा करके सोने को घर जाता है, चाय पीकर सता है तभी उस का दुश्मन जाग जाता है , अरे भाई फ़ोन बज उठता है ,सर PLRR01(site id) डाउन है, झक मारके उसको फिर नयी साईट पर जाना पड़ता है, उसको UP करना पड़ता है,
फिर सोने जाता है की office वालों का phone आ जाता है की फलानी साईट पार क्या ISSUE था,
फिर मेनेजर का फ़ोन आता है साथ में कोई अन्य भी लाइन पर है कोई और किसी issue या status के बारे में जानकारी मांगता है , और ये सिल सिला जरी रहता है,
are आप सॉफ्टवेर वोलों को दिवाली होली जेसै पर्वो पर तो आराम मिलता है हमको तो इन दिनों और भी एलर्ट रहना पड़ता है ताकि अधकितम काल्स network पर चलें और कोई साईट डाउन न हो ,
महीने में एक या दो दिन की छुट्टी फी नसीब नहीं होती, कोई ओवर टाइम नहीं, सन्डे के दिन का पता ही नहीं चलता, पारिवारिक जीवन का सुख एक टेलिकॉम इंजिनियर के भाग्य में नहीं है, बीबी हमशा सिकायत करती रहती है, २४ घंटे फ़ोन चालू रहता है दो दो फ़ोन एक्स्ट्रा बैटरी रखनी पड़ती है, कहने को तो कम्पनी ने unlimited calling phone दे रखा है पर उसका पर्सनल use करने का टाइम ही नहीं मिलता यदि आप कोई घर पर बात कर रहे होते की इतने पर कंपनी का फ़ोन वाटिंग पर होता है , यदि बहार खाना खाना जाते हो तब भी फ़ोन पीछा नहो छोडता, कहीँ कोई जूनियर फ़ोन करता है , सर फलानी साईट पर फसा हूँ क्या करूँ केसे करूँ , ये हाल तो तब है जब है जब हम एरिकसन, नोकिया जेसी कंपनी में एयरटेल वोडाफोन जेसे नामी i ब्रांड के लिया काम कर रहे है,

अर्जुन सिंह
सीनियर इंजिनियर फिल्ड ऑपरेशन

3 comments:

Rajesh kumar said...

sirji mujhe aap poori humdardi ahi....
per aapko pichle janmo ka paanp to ch ukana hi aaz nahi kal...
or mai aapko tah dil se dhanyabaad deta hu aap jaise network egg k karan hi...
koi bhi apno se kabhi bhi baat ker leta hai....
emerjency facility ....
madical or bhi bahut si Presaani aap k karan assan ho jaati hi...
mai aapko kahuga ki raat ko jayada kaam kerne ki jarurat nahi hi...
aap k karan hi mere GF mujhe raat bher sone nahi deti...
raat ko aap kuchh gadbad ker k network busy ker dijiy p/z...

mai aapko thanks ka mail extra likhunga... aapka priya junior rajesh

Arjun Singh said...

thanks rajesh for your comment..

Abhishek Bhadauria said...

Sir likha toh mast hai. Par Heading mein update ki spelling galat hai. ;)